अश्विनी वैष्णव का ऐलान: अमृत भारत योजना से बदली 172 रेलवे स्टेशनों की तस्वीर

नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जानकारी दी कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत देशभर में 172 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव देना है, साथ ही स्टेशनों को शहर के दोनों हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ना भी है।

यात्रियों की सुविधा पर खास फोकस
योजना के तहत स्टेशन परिसरों को यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया गया है। अधिक भीड़ वाले स्टेशनों पर चौड़े फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर और लिफ्ट लगाए गए हैं। इसके अलावा सुव्यवस्थित पार्किंग, आधुनिक पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और बेहतर वेटिंग हॉल जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं।

मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा
रेल मंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना में मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसका उद्देश्य यह है कि यात्रियों को रेलवे के साथ बस, मेट्रो और अन्य परिवहन साधनों से सहज कनेक्टिविटी मिल सके। स्टेशनों पर कियोस्क की भी व्यवस्था की गई है, जहां यात्रियों को रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं और सेवाएं आसानी से मिल सकें।

पर्यावरण के अनुकूल विकास मॉडल
लोकसभा में दिए गए लिखित उत्तर में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि योजना में टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल उपायों को अपनाया गया है। स्टेशन परिसरों को सिर्फ ट्रांजिट प्वाइंट नहीं, बल्कि आधुनिक सिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 1,337 स्टेशनों को अमृत भारत योजना के तहत पुनर्विकास के लिए चिन्हित किया गया है।

रेलवे ब्रिज की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि भारतीय रेलवे पुलों की सुरक्षा को अत्यंत गंभीरता से लेता है। वर्ष 2022 से दिसंबर 2025 तक देशभर में 8,626 रेलवे ब्रिज की मरम्मत, मजबूती और पुनर्निर्माण का कार्य किया गया है।

नियमित निरीक्षण की मजबूत व्यवस्था
रेलवे ब्रिजों की जांच के लिए एक सुदृढ़ प्रणाली लागू है। प्रत्येक पुल का साल में कम से कम दो बार निरीक्षण किया जाता है—एक बार मानसून से पहले और विस्तृत जांच मानसून के बाद। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त निरीक्षण का निर्णय चीफ ब्रिज इंजीनियर द्वारा लिया जाता है।

सबवे और आरयूबी पर भी कड़ी नजर
सबवे और रोड अंडर ब्रिज (RUB) की भी मानसून से पहले और बाद में जांच की जाती है। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित हो सके।

गुणवत्ता और तकनीकी ऑडिट अनिवार्य
रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि ब्रिज पुनर्वास से जुड़े सभी कार्य भारतीय रेलवे ब्रिज मैनुअल के अनुसार किए जाते हैं। गुणवत्ता आश्वासन योजना, निरीक्षण और परीक्षण प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाता है। इसके साथ ही विशेष तकनीकी ऑडिट के जरिए खामियों की पहचान कर समय पर कार्रवाई की जाती है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के जरिए भारतीय रेलवे न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है, बल्कि यात्रियों के अनुभव को भी नए स्तर पर ले जाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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