निर्मला सीतारमण का बयान: भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता तय

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक सहयोग को नई दिशा देने वाला एक अहम कदम सामने आया है। दोनों देशों ने एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) के लिए आपसी सहमति से एक ढांचा तय कर लिया है। इस समझौते के लागू होने से अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर लगने वाले ऊंचे टैरिफ में कमी आएगी, जिससे भारतीय निर्यातकों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस घटनाक्रम की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए साझा करते हुए बताया कि भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी किया है, जिसमें आपसी लाभ पर आधारित अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क की घोषणा की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देश आगे चलकर भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत जारी रखेंगे।

निर्यातकों के लिए खुलेंगे नए अवसर

इस समझौते को लेकर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि यह पहल भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजार और बेहतर अवसर लेकर आएगी। उनके अनुसार, यह फ्रेमवर्क भारत-अमेरिका के बीच मजबूत और संतुलित ट्रेड पार्टनरशिप की नींव रखेगा, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक स्तर पर और मजबूती मिलेगी।

वहीं, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को गहरा करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत और अमेरिका को मिलकर दीर्घकालिक और टिकाऊ आर्थिक विकास की दिशा में काम करने में मदद करेगा, जिसका लाभ उद्योग, कारोबार और आम लोगों तक पहुंचेगा।

किन सेक्टरों को मिलेगा फायदा

इस अंतरिम फ्रेमवर्क के तहत कई भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी शुल्क में कटौती का रास्ता खुलेगा। इसमें खास तौर पर जेनेरिक दवाएं, रत्न-आभूषण, हीरे और विमान से जुड़े पुर्जे शामिल हैं। ये ऐसे क्षेत्र हैं जहां भारत की वैश्विक हिस्सेदारी मजबूत है और अमेरिकी बाजार में इनकी मांग लगातार बनी रहती है।

इसके अलावा, अमेरिका कुछ भारतीय एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर लगाए गए शुल्क हटाने की तैयारी में है, जो पहले धातुओं के आयात से जुड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों के तहत लगाए गए थे। भारत को ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स के लिए भी विशेष टैरिफ रियायतें मिलने की संभावना है, जिससे इस सेक्टर में निर्यात को नई गति मिल सकती है।

कुल मिलाकर, यह अंतरिम व्यापार समझौता भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों में एक सकारात्मक मोड़ माना जा रहा है, जो आने वाले समय में बड़े और व्यापक व्यापार समझौते का आधार बन सकता है।

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