लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना अब तक का सबसे बड़ा बजट प्रस्तुत किया। विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए विकास, रोजगार और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता देने की बात कही। इस बजट में 43,565.33 करोड़ रुपये की नई योजनाओं के लिए प्रावधान किया गया है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का दावा करती हैं।
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए विशेष योजनाओं का ऐलान किया है। कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश में एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट हब विकसित किए जाएंगे। गेहूं और आलू उत्पादन में अग्रणी रहने का उल्लेख करते हुए सरकार ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया।
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास इस बजट का प्रमुख केंद्र बिंदु रहा। सरकार ने 10 लाख रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और पीपीपी मॉडल के तहत नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। महिलाओं के लिए अलग कौशल विकास केंद्र खोलने की योजना भी घोषित की गई है।
तकनीक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए ‘नई और उभरती टेक्नोलॉजी मिशन’ और एआई मिशन शुरू करने की घोषणा की गई है। ‘टेक युवा समर्थ युवा योजना’ के तहत युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश में डेटा अथॉरिटी की स्थापना और आठ डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 900 मेगावॉट होगी।
ऊर्जा क्षेत्र में भी बदलाव की रूपरेखा पेश की गई है। डीजल चालित नलकूपों को चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा आधारित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे किसानों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो सके।
महिला सशक्तिकरण के तहत सरकार ने लड़कियों के विवाह के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ शुरू की जाएगी।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ योजना के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का दावा है कि निवेश और नवाचार के क्षेत्र में किए गए प्रयासों के कारण प्रदेश को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर श्रेणी में स्थान मिला है।
कुल मिलाकर, 12 प्रतिशत वृद्धि के साथ प्रस्तुत यह बजट कृषि, उद्योग, तकनीक और रोजगार के संतुलित विकास पर केंद्रित है, जिसके माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।