नई दिल्ली। संसद में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया बयान पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को सदन में एक प्रस्ताव लाकर राहुल गांधी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
दुबे ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष ने व्यापार समझौते को लेकर भ्रामक और तथ्यहीन टिप्पणियां की हैं, जिससे देश की छवि और आर्थिक हितों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने सदन से आग्रह किया कि मामले को विशेषाधिकार हनन के रूप में देखा जाए और नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जाए। प्रस्ताव में उनकी सदस्यता समाप्त करने और भविष्य में चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग उठाई गई।
विवाद की जड़ राहुल गांधी का वह वक्तव्य है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते में राष्ट्रीय हितों से समझौता करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि इस समझौते से किसानों और छोटे व्यापारियों के हित प्रभावित होंगे। उनके बयान के बाद सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद अत्यंत जिम्मेदारी वाला होता है और सार्वजनिक बयान देते समय तथ्यों का ध्यान रखा जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय सदन की प्रक्रियाओं और नियमों के अनुसार ही लिया जाएगा।
फिलहाल यह मामला संसदीय प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ेगा। राजनीतिक हलकों में इसे आगामी सत्रों में बड़े बहस का विषय माना जा रहा है, जहां सरकार और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे सकते हैं।