दो साल की सरकार: नक्सल मोर्चे पर सख्ती, प्रशासन में तकनीकी क्रांति

      रायपुर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने राजधानी रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर कानून-व्यवस्था, तकनीकी सुधार और नक्सल विरोधी अभियान की प्रगति का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 की शुरुआत से प्रशासनिक ढांचे में तकनीक आधारित बदलावों को प्राथमिकता दी गई, जिनका असर अब जिलों तक दिखाई देने लगा है।

      डिजिटल पुलिसिंग पर जोर

      गृह मंत्री ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन पुलिसिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दो जिलों में शुरू की गई नई व्यवस्था से केस मॉनिटरिंग और डेटा विश्लेषण में तेजी आई है। ई-साक्ष्य प्रणाली के माध्यम से दर्ज बयान सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड में संरक्षित किए जा रहे हैं, जिससे जांच और न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुदृढ़ हुई है।

      अपराध की प्रकृति, अपराधियों की पृष्ठभूमि और घटनास्थल के आधार पर डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर पुलिस की रणनीति तय की जा रही है। इससे विवेचना की गुणवत्ता और पारदर्शिता में सुधार आया है।

      शिकायत निवारण में पारदर्शिता

      सरकार ने ऑनलाइन कंप्लेन मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है, जिसके जरिए नागरिकों की शिकायतें सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच रही हैं। मंत्री ने दावा किया कि इस व्यवस्था से कार्रवाई की गति बढ़ी है और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है।

      संवेदनशील मुद्दों पर सतर्कता

      धर्मांतरण, आतंकी गतिविधियों और अवैध प्रवास जैसे मामलों में निगरानी और कार्रवाई को सख्त किया गया है। विशेष टास्क फोर्स का गठन कर सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं। अवैध रूप से रह रहे लोगों के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अब तक 34 लोगों को देश से बाहर भेजा जा चुका है।

      नक्सल विरोधी अभियान में प्रगति

      गृह मंत्री ने दोहराया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है। बीते दो वर्षों में सैकड़ों नक्सलियों के विरुद्ध कार्रवाई, बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां और हजारों के पुनर्वास का दावा किया गया। आत्मसमर्पण करने वालों को पुनर्वास पैकेज, पहचान दस्तावेज और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि वे मुख्यधारा से जुड़ सकें।

      झीरम घाटी प्रकरण पर प्रतिक्रिया

      झीरम घाटी कांड का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकार अपने कार्यकाल में मामले की जांच को निर्णायक दिशा नहीं दे सकी।

      प्रेस वार्ता के अंत में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में प्रशासनिक सुधार, तकनीकी सुदृढ़ीकरण और आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।

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