CBSE का बड़ा फैसला: 12वीं के छात्रों के लिए इंप्रूवमेंट परीक्षा के नियम बदले

नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के लिए अहम बदलाव की घोषणा की है। बोर्ड ने सप्लीमेंट्री और इंप्रूवमेंट परीक्षा से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए विकल्पों को सीमित कर दिया है। नए प्रावधानों का असर देशभर के लाखों विद्यार्थियों पर पड़ेगा।

अब तुरंत सुधार का मौका सिर्फ एक विषय में

नई व्यवस्था के तहत 12वीं कक्षा के छात्र मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद केवल एक ही विषय में अपने अंक सुधारने के लिए सप्लीमेंट्री (इंप्रूवमेंट) परीक्षा दे सकेंगे। पहले छात्रों को एक से अधिक विषयों में सुधार का अवसर मिलता था, लेकिन अब यह सुविधा घटा दी गई है।

कई विषयों में सुधार चाहते हैं तो इंतजार जरूरी

यदि कोई छात्र एक से ज्यादा विषयों में अंक बढ़ाना चाहता है, तो उसे अगले शैक्षणिक सत्र में होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा में दोबारा शामिल होना पड़ेगा। यानी अब एक साथ कई विषयों में तुरंत सुधार की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।

जुलाई में हो सकती है सप्लीमेंट्री परीक्षा

बोर्ड द्वारा साझा किए गए प्रारंभिक कार्यक्रम के अनुसार, 12वीं बोर्ड के नतीजे मई 2026 में घोषित किए जाने की संभावना है। इसके बाद सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल, सप्लीमेंट्री परीक्षा की संभावित तारीख 15 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। विस्तृत दिशा-निर्देश परिणाम जारी होने के बाद जारी किए जाएंगे।

छात्रों के लिए बढ़ी जिम्मेदारी

इस बदलाव के बाद छात्रों के लिए मुख्य परीक्षा का महत्व और बढ़ गया है। एक से अधिक विषयों में कम अंक आने की स्थिति में उन्हें अगले वर्ष की मुख्य परीक्षा तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है। ऐसे में विद्यार्थियों को सलाह दी जा रही है कि वे बोर्ड परीक्षा की तैयारी पूरी गंभीरता और योजना के साथ करें, ताकि बाद में सुधार की आवश्यकता कम से कम पड़े।

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