दुर्ग। प्रदेश स्तरीय आह्वान पर मंगलवार को मूल निवासी संघ ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिंदी भवन के सामने धरना प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी और अनदेखी का आरोप लगाया।
प्रमुख मांगें और चेतावनी
संघ की मुख्य मांग देश में यूजीसी एक्ट (UGC Act) को प्रभावी ढंग से लागू करने और जातिगत जनगणना कराने को लेकर है। संघ के नेताओं का कहना है कि जातिगत जनगणना के बिना सामाजिक न्याय अधूरा है। धरना स्थल पर मौजूद पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने इन मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

प्रदेशभर में तेज होगा आंदोलन
धरना शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कार्यकर्ताओं का जोश हाई दिखा। संघ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यह प्रदर्शन केवल सांकेतिक नहीं है; यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो इसे जिला स्तर से बढ़ाकर पूरे प्रदेश में व्यापक रूप दिया जाएगा।
लोकतंत्र प्रहरी से चर्चा करते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि,”हम लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार हमारी अनदेखी कर रही है। यूजीसी एक्ट और जातिगत जनगणना हमारा हक है। जब तक सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती, हमारा यह संघर्ष जारी रहेगा और आने वाले समय में हम सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।”