Bollywood : फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों पुराने कानूनी मामलों के दोबारा चर्चा में आने का सिलसिला जारी है। हाल ही में अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े चेक बाउंस प्रकरण के बाद अब अभिनेत्री अमीषा पटेल का नाम भी एक पुराने विवाद को लेकर सुर्खियों में आ गया है। मुरादाबाद की अदालत ने वर्ष 2017 से जुड़े एक मामले में उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर काफी हलचल देखने को मिली।
सोशल मीडिया पर दिया जवाब
मामला तूल पकड़ता देख अमीषा पटेल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर विस्तृत बयान जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विवाद कई साल पुराना है और संबंधित पक्ष के साथ उस समय औपचारिक समझौता हो चुका था। अभिनेत्री का दावा है कि तय की गई राशि का भुगतान भी किया जा चुका था और मामला समाप्त मान लिया गया था। उनके अनुसार, अब दोबारा आरोप लगाना तथ्यों के विपरीत है।

कानूनी कार्रवाई की तैयारी
अभिनेत्री ने यह भी संकेत दिया कि उनके वकील इस प्रकरण में कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि झूठे या भ्रामक आरोप लगाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने अपने प्रशंसकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
आरोप क्या हैं?
शिकायतकर्ता के मुताबिक, नवंबर 2017 में एक निजी समारोह में प्रस्तुति के लिए अभिनेत्री को बुक किया गया था और अग्रिम भुगतान किया गया था। आरोप है कि कार्यक्रम में उपस्थिति न होने के बाद आंशिक रकम लौटाई गई, जबकि शेष राशि से जुड़ा एक चेक कथित रूप से बाउंस हो गया। इसी आधार पर मामला अदालत तक पहुंचा।
गैर-जमानती वारंट की वजह
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, सुनवाई के दौरान निर्धारित तारीखों पर पेशी न होने के चलते अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए गैर-जमानती वारंट जारी किया। हालांकि, अभिनेत्री की टीम का कहना है कि उन्हें इस संबंध में पूरी जानकारी समय पर नहीं मिली थी और वे कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करती हैं।
टीम का पक्ष
अमीषा पटेल की टीम ने दोहराया कि दोनों पक्षों के बीच पहले ही समझौता हो चुका था और यह मामला दोबारा उठाया जाना अनुचित है। उनका कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत उचित मंच पर सभी तथ्य रखे जाएंगे।
फिलहाल यह मामला न्यायालय में लंबित है। आने वाले दिनों में अदालत की अगली सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलों के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।