बीएसपी पर साजिश का आरोप, मायावती बोलीं—सावधान रहें समर्थक

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच Bahujan Samaj Party (बसपा) प्रमुख Mayawati ने पार्टी पदाधिकारियों और समर्थकों को सतर्क रहने का संदेश दिया है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बसपा को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, ऐसे में संगठन को अधिक संगठित और सक्रिय रहना होगा।

अंबेडकरवादी विचारधारा को मजबूत करने पर जोर

मायावती ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों पर आधारित आंदोलन को और व्यापक बनाने की जरूरत है। उन्होंने दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े लोगों से आत्मसम्मान और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर एकजुट होने का आह्वान किया। उनके अनुसार, चुनावी माहौल में वैचारिक मजबूती ही पार्टी की असली ताकत बनेगी।

राज्य स्तरीय बैठक में तय होगी रणनीति

बसपा की ओर से एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय रहने और जमीनी संपर्क बढ़ाने के निर्देश देगा।

मायावती ने यह भी संकेत दिया कि गरीबों, किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, व्यापारियों और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उनका कहना है कि वर्तमान और पूर्व सरकारों के दौरान इन वर्गों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

2022 के बाद वापसी की चुनौती

गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा था और पार्टी सीमित सीटों तक सिमट गई थी। ऐसे में 2027 का चुनाव बसपा के लिए संगठनात्मक पुनरुत्थान का अवसर माना जा रहा है।

मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों और विरोधी दलों की रणनीतियों से भ्रमित न हों, बल्कि पार्टी की विचारधारा और जनाधार को मजबूत करने पर ध्यान दें। आने वाले महीनों में बसपा की सक्रियता और रणनीति पर सभी की नजर रहेगी।

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