200% टैरिफ की धमकी से रुका भारत-पाक टकराव? ट्रंप का बड़ा दावा

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दावा किया कि दक्षिण एशिया में बढ़ते तनाव को कम कराने में अमेरिका की कूटनीतिक भूमिका अहम रही। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ इवेंट के दौरान ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालात बेहद गंभीर हो गए थे और दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज थीं।

ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif से सीधे बातचीत की थी। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने दोनों देशों को स्पष्ट संदेश दिया था कि यदि तनाव कम नहीं हुआ तो व्यापारिक संबंधों पर असर पड़ सकता है।

अपने संबोधन में ट्रंप ने यह भी कहा कि उस समय हवाई संघर्ष की घटनाएं हुईं और कई लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त हुए। हालांकि, उन्होंने विमानों की संख्या या किसी देश की आधिकारिक पुष्टि का उल्लेख नहीं किया। उनका कहना था कि आर्थिक और रणनीतिक परिणामों पर विचार करने के बाद दोनों पक्ष संघर्ष विराम के लिए तैयार हुए।

कार्यक्रम में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान की ओर से अमेरिकी प्रशासन को बताया गया कि संभावित बड़े युद्ध को टालने में अमेरिका की मध्यस्थता निर्णायक रही। इस दौरान मंच से कुछ टिप्पणियां भी की गईं, जिनका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सीमा पार आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की थी। इसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था और दोनों देशों के बीच सैन्य सतर्कता बढ़ा दी गई थी। भारत ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय करते हुए ड्रोन और अन्य संभावित खतरों को निष्क्रिय करने की जानकारी दी थी।

हालांकि, ट्रंप के हालिया दावों पर भारत या पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण एशिया में स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक संवाद और संतुलित रणनीति दोनों ही आवश्यक हैं।

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