दुर्ग। लोकतंत्र प्रहरी। कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों तो शारीरिक बाधाएं मंजिल का रास्ता नहीं रोक सकतीं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है दुर्ग की नेहा ने। रविवार को आयोजित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की प्रारंभिक परीक्षा 2025 में नेहा यमराज ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। नेहा नेत्रहीन हैं, लेकिन उनकी आंखों में एक बड़े प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना पूरी चमक के साथ मौजूद है।
सेजेस जेआरडी स्कूल में दी परीक्षा
नेहा ने परीक्षा केंद्र क्रमांक 0505 (सेजेस जेआरडी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग) से अपनी परीक्षा दी। नेहा के बुलंद हौसले को देखते हुए जिला प्रशासन ने उनके लिए विशेष इंतजाम किए थे। उन्हें परीक्षा देने के लिए एक पृथक कक्ष उपलब्ध कराया गया।

काजल बनीं नेहा की आवाज और कलम
नेहा की आंखों की कमी को दूर करने और उनके लेखन कार्य में सहयोग देने के लिए 11वीं कक्षा की छात्रा काजल बंजारे सामने आईं। काजल ने पूरी परीक्षा के दौरान नेहा के लिए ‘स्क्राइब’ (सहयोगी लेखक) की भूमिका निभाई।

कलेक्टर ने बढ़ाया उत्साह
निरीक्षण के दौरान केंद्र पहुंचे कलेक्टर अभिजीत सिंह ने नेहा के जज्बे की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कलेक्टर ने केन्द्राध्यक्ष को सख्त निर्देश दिए कि परीक्षार्थी नेहा के लिए कक्ष में उचित प्रकाश, पेयजल और बिजली कटने की स्थिति में इमरजेंसी लाइट का पुख्ता प्रबंध रखा जाए।
दुर्ग और भिलाई के 25 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में नेहा की कहानी चर्चा का विषय बनी रही, जो यह साबित करती है कि लक्ष्य पाने के लिए दृष्टि से ज्यादा दृष्टिकोण की जरूरत होती है।