ओपी चौधरी का 1.72 लाख करोड़ का बजट पेश, शिक्षा से महिला कल्याण तक बड़े ऐलान

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जो प्रदेश की समग्र विकास और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता देने वाला माना जा रहा है। इस वर्ष के बजट की थीम “संकल्प” रखी गई है, जो 2047 तक प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की लंबी रणनीति को प्रतिबिंबित करती है।

बड़े बजट के पीछे विकास का विज़न

वित्त मंत्री ने बताया कि यह बढ़ा हुआ बजट शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, अधोसंरचना और रोजगार सृजन में निवेश को प्राथमिकता देता है। उनका दावा है कि यह राशि प्रदेश के अंतिम नागरिक तक विकास के लाभ पहुंचाने के संकल्प के अनुरूप है।

पिछड़े क्षेत्रों में समृद्धि का मॉडल

बस्तर और सरगुजा जैसे पिछड़े क्षेत्रों को विशेष महत्व दिया गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब शांति और विकास के नए अवसर खुल रहे हैं। यहां शिक्षा, खेल, उद्योग और पर्यटन के जरिए समावेशी विकास का मॉडल लागू करने की योजना बनाई गई है।

शिक्षा और स्वास्थ्य में नई पहल

बस्तर के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज खोलकर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा रायपुर में प्रदेश का पहला होम्योपैथिक कॉलेज और दवाओं की गुणवत्ता जांच के लिए इंटीग्रेटेड लैब स्थापित करने का प्रावधान है।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा

महिला सशक्तिकरण को बजट में प्राथमिकता दी गई है। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता दी जाएगी। बालिकाओं के लिए “रानी दुर्गावती योजना” के अंतर्गत 18 वर्ष की उम्र पूरी करने पर आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा।

रोजगार, उद्योग और सिंचाई

बस्तर और सरगुजा में स्थानीय संसाधनों के आधार पर राइस मिल, पोल्ट्री फार्म और वनोपज प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना कर रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही इंद्रावती नदी की जल उपयोग क्षमता बढ़ाने के लिए नहर निर्माण पर भी जोर दिया गया है।

सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री द्रुतगामी सड़क योजना के तहत सड़क नेटवर्क को उन्नत किया जाएगा। रेल परियोजनाओं के साथ बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर हवाई अड्डों के विकास पर फोकस कर पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटन से आर्थिक विकास

बस्तर और मैनपाट सहित अन्य प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाएगा। नई पर्यटन नीति के तहत रोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

यह बजट प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत करता है, जो छत्तीसगढ़ को सतत विकास की राह पर आगे बढ़ाने का प्रयास है।

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