रायपुर विधानसभा में धान खरीदी पर सियासी टकराव, विपक्ष ने किया वॉकआउट

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन धान खरीदी को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तेज विवाद देखने को मिला। शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने सरकार की धान खरीदी नीति को असफल बताते हुए स्थगन प्रस्ताव के जरिए विस्तृत चर्चा की मांग की, लेकिन सभापति ने इसे अस्वीकार कर दिया।

इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और गर्भगृह तक पहुंच गए। नियमों के अनुसार, गर्भगृह में प्रवेश करने वाले सदस्यों को स्वतः निलंबित कर दिया गया।

नेता प्रतिपक्ष महंत ने आरोप लगाया कि धान खरीदी नीति पूरी तरह असफल रही और किसानों को टोकन व्यवस्था और कागजी प्रक्रिया के कारण परेशान होना पड़ा। उन्होंने बताया कि कई जगह किसानों का धान अधूरा खरीदा गया और कुछ क्षेत्रों में किसानों को अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ा।

कांग्रेस के अन्य विधायकों ने भी सदन में अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को उठाया। कई सदस्यों ने आरोप लगाया कि किसानों को धान समर्पित करने के लिए दबाव और पुलिस हस्तक्षेप झेलना पड़ा, जिससे कुछ किसानों की आत्महत्या की कोशिश जैसे गंभीर हालात भी सामने आए।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह धान और किसान मुद्दे पर चर्चा से बच रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में अधिकारी राज चल रहा है और कई जगह अधिकारियों ने किसानों के घरों और खलिहानों में जबरन प्रवेश किया। बघेल ने मांग की कि यदि चर्चा नहीं कराई जाती, तो सरकार स्पष्ट जवाब दे।

सभापति ने बताया कि बजट सत्र आय-व्यय पर चर्चा के लिए निर्धारित होता है, इसलिए स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

धान खरीदी को लेकर इस हंगामे ने विधानसभा का माहौल गरम कर दिया और सत्ता और विपक्ष के बीच तीखे राजनीतिक टकराव को उजागर किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *