प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यरुशलम से पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के बीच दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत हमेशा संवाद और कूटनीति के रास्ते को प्राथमिकता देता है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता सीधे तौर पर भारत के सुरक्षा और रणनीतिक हितों से जुड़ी है।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत का रुख हमेशा शांति और मानवीय दृष्टिकोण पर आधारित रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भू-राजनीतिक लक्ष्य निर्दोष नागरिकों की जान की कीमत पर हासिल नहीं किया जा सकता।
गाजा पीस प्लान: शांति की दिशा में नया कदम
मोदी ने ‘गाजा पीस प्लान’ को सकारात्मक और महत्वपूर्ण कदम बताया, जो क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में नया रास्ता तैयार करता है। उन्होंने भारत की ओर से इस शांति प्रयास का पूर्ण समर्थन भी जताया।
भारत की कूटनीतिक नीति:
प्रधानमंत्री ने साफ किया कि भारत आने वाले समय में भी सभी देशों के साथ संवाद और सहयोग की नीति को जारी रखेगा। यह न केवल इजराइल के साथ भारत की दोस्ती को मजबूत करता है, बल्कि अरब देशों के साथ संतुलित और स्थिर संबंधों को भी दर्शाता है।
पीएम मोदी का यह बयान मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत की वैश्विक शांतिदूत की भूमिका को और मजबूत करता है।