भारत में मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल के तरीके में जल्द ही बड़ा बदलाव आने वाला है। केंद्र सरकार ने साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए डिजिटल सुरक्षा नियमों को और सख्त कर दिया है। इसी कड़ी में WhatsApp भारतीय यूज़र्स के लिए नया SIM बाइंडिंग वेरिफिकेशन फीचर लॉन्च करने जा रहा है।
1 मार्च से लागू होंगे नए नियम
सरकार द्वारा जारी नई टेलीकॉम सुरक्षा गाइडलाइंस 1 मार्च से प्रभावी होंगी। इसके तहत WhatsApp यूज़र्स को ऐप का इस्तेमाल जारी रखने के लिए उसी फोन में अपने रजिस्टर्ड नंबर वाला SIM कार्ड रखना अनिवार्य होगा।
SIM बाइंडिंग फीचर क्या है?
यह फीचर Department of Telecommunications (DoT) के निर्देशों के अनुरूप बनाया गया है। Android बीटा वर्जन 2.26.8.6 में देखी गई जानकारी के मुताबिक, WhatsApp समय-समय पर यह जांच करेगा कि रजिस्टर्ड नंबर का SIM फोन में मौजूद है या नहीं।
बार-बार होगा वेरिफिकेशन
+91 भारतीय नंबर वाले यूज़र्स को ध्यान देना होगा कि यह सिर्फ एक बार की प्रक्रिया नहीं है। WhatsApp समय-समय पर SIM वेरिफिकेशन करेगा। यदि सिस्टम को पता चलता है कि SIM कार्ड डिवाइस में नहीं है या नंबर मैच नहीं करता, तो अकाउंट का एक्सेस सीमित किया जा सकता है। हालांकि, पुरानी चैट सुरक्षित रहेंगी, और नए मैसेज तब तक नहीं मिलेंगे जब तक वेरिफिकेशन पूरा नहीं होता।
नियम क्यों जरूरी है?
नवंबर 2025 में DoT के निर्देश के अनुसार, WhatsApp, Signal और Telegram जैसे ऐप्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर अकाउंट एक सक्रिय SIM से जुड़ा हो। इसका उद्देश्य फर्जी अकाउंट, मोबाइल नंबर के दुरुपयोग और साइबर ठगी पर नियंत्रण पाना है।
वेब वर्जन में भी नई सख्ती
नए नियमों के तहत WhatsApp वेब और डेस्कटॉप वर्जन को हर छह घंटे में ऑटो-लॉगआउट करना होगा। दोबारा लॉगिन करने के लिए QR कोड स्कैन करना जरूरी होगा।
डिजिटल राइट्स ग्रुप्स की चिंता
कुछ डिजिटल अधिकार संगठनों ने इस नियम को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि खराब SIM, फोन रिपेयर या विदेश यात्रा के दौरान यूज़र्स को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।