इस्लामाबाद/काबुल। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्तों में चल रहा तनाव अब गंभीर सैन्य टकराव का रूप लेता दिख रहा है। सीमा से सटे इलाकों में लगातार झड़पें, गोलाबारी और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक हालिया हिंसा में करीब 300 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लगभग 500 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों का दावा है कि उनकी कार्रवाई में 274 अफगान लड़ाके मारे गए हैं। दोनों देशों ने सीमा पर अतिरिक्त सैनिक तैनात कर दिए हैं और कड़े रुख के संकेत दिए हैं, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
भारत पर आरोपों से बढ़ी सियासी गर्मी
पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि अफगान क्षेत्र से होने वाली हिंसक गतिविधियों को बाहरी समर्थन मिल रहा है और इस सिलसिले में उसने भारत का नाम लिया है। हालांकि भारत की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वहीं अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान पर सीमा का उल्लंघन करने और हवाई हमले करने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों के तीखे बयानों ने स्थिति को और उलझा दिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल
तनाव बढ़ने के साथ ही वैश्विक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने पाकिस्तान की कार्रवाई को आतंकवाद विरोधी प्रयासों का हिस्सा बताते हुए समर्थन जताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए अहम कदम उठा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कूटनीतिक पहल नहीं हुई तो यह विवाद व्यापक सैन्य संघर्ष का रूप ले सकता है, जिससे पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता पर असर पड़ सकता है।