बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पूर्व डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया को शनिवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, हालांकि यह जमानत कड़ी शर्तों के साथ दी गई है। शर्तों की पेचीदगियों के चलते फिलहाल उनका जेल से बाहर आना मुश्किल नजर आ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई सुनवाई
बता दें कि हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में याचिका खारिज किए जाने के बाद सौम्या चौरसिया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को उन्हें वापस हाईकोर्ट जाने का निर्देश देते हुए मामले की प्राथमिकता से सुनवाई करने और दो सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया था। इसके बाद सौम्या ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं।

6 बार हिरासत और राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप
सुनवाई के दौरान सौम्या चौरसिया के वकील ने दलील दी कि केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियां राजनीतिक षड्यंत्र के तहत बार-बार नई FIR दर्ज कर रही हैं। कोर्ट को बताया गया कि उन्हें अब तक 6 बार हिरासत में लिया जा चुका है।
कोयला घोटाले में पहले ही मिल चुकी है राहत
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरीं सौम्या चौरसिया को सबसे पहले कोयला घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। लंबे समय तक सलाखों के पीछे रहने के बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन जेल से बाहर आने से पहले ही ED और EOW ने उन्हें आबकारी (शराब) घोटाले में गिरफ्तार कर लिया था।
हाईकोर्ट के इस ताजा फैसले के बाद अब सबकी निगाहें जमानत की शर्तों और जांच एजेंसियों के अगले कदम पर टिकी हैं।