गुजरात, । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की नई सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (ATMP) फैसिलिटी का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी तकनीकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की है, और सेमीकंडक्टर इस बदलाव का सबसे अहम माध्यम बनेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछली सदी में ऊर्जा संसाधन देशों की प्रगति का आधार थे, वहीं आज माइक्रोचिप और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी ही वैश्विक प्रतिस्पर्धा का मूल है। उन्होंने बताया कि भारत ने कोविड महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में ही सेमीकंडक्टर मिशन की नींव रखी और आज यह सपना साकार हो रहा है।
पीएम मोदी ने कहा, “10-15 साल पहले भारत में डेटा और हार्डवेयर पर चर्चा बहुत कम थी, हमारी ताकत केवल IT सर्विसेज तक सीमित थी। आज साणंद में हम देख रहे हैं कि भारत हार्डवेयर निर्माण में भी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। यह संयंत्र देश को वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में मजबूत स्थान दिलाएगा।”
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस संयंत्र में मेमोरी चिप्स का उत्पादन शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि 900 दिन के भीतर आधार से उत्पादन संभव हुआ और यह साबित करता है कि भारत में रणनीतिक तकनीकी निवेश तेजी से सफल हो सकते हैं। मंत्री ने इसे देश के लिए एक मूलभूत उद्योग बताते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर हर आधुनिक उपकरण और तकनीकी प्रणाली में इस्तेमाल होते हैं।
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने साणंद में एक रोड शो भी किया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
साणंद ATMP संयंत्र से अब भारत में निर्मित पहले सेमीकंडक्टर मेमोरी मॉड्यूल का वाणिज्यिक उत्पादन और शिपमेंट शुरू हो गया है। यह परियोजना इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत स्वीकृत पहला प्रस्ताव थी और इसे 22,500 करोड़ रुपये से अधिक के कुल निवेश के साथ स्थापित किया गया। इसका शिलान्यास सितंबर 2023 में किया गया था।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस पहल से भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति मजबूत करेगा और देश में तकनीकी नवाचारों और रणनीतिक निवेशों के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी।