पाकिस्तान ने स्वीकारी बड़ी गलती, अफगानिस्तान में भारतीय मिशन को निशाना बनाने की बात मानी

यूनाइटेड नेशंस  : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान पाकिस्तान ने अप्रत्यक्ष रूप से यह स्वीकार कर लिया कि अफगानिस्तान में भारतीय मिशन को निशाना बनाया गया था और रमजान के दौरान किए गए हवाई हमलों का असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ा। भारत की ओर से दिए गए बयान के बाद पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद अपने ही तर्कों में उलझते नजर आए।

सोमवार को सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश ने अफगानिस्तान में एयर अटैक और क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद को मानवता के खिलाफ बताते हुए कड़ा बयान दिया। हालांकि उन्होंने अपने वक्तव्य में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन पाकिस्तान के प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने प्रतिक्रिया देते हुए ऐसी बातें कही जिनसे यह संकेत मिला कि भारत की ओर से उठाए गए मुद्दे पाकिस्तान से जुड़े थे।

हरीश ने अपने संबोधन में कहा कि एक ओर अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकता की बात करना और दूसरी ओर रमजान के पवित्र महीने में एयर स्ट्राइक करना पाखंड है। उन्होंने बताया कि 6 मार्च 2026 तक ऐसे हमलों में 185 निर्दोष नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें लगभग 55 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

भारत ने बैठक में आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त कार्रवाई की भी मांग की। हरीश ने कहा कि आतंकवाद एक वैश्विक समस्या है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के संयुक्त प्रयासों से ही आईएसआईएल, अल कायदा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और उनके सहयोगी संगठनों को रोका जा सकता है।

भारत ने इस दौरान अफगानिस्तान के लिए अपनी मानवीय सहायता का भी उल्लेख किया। हरीश ने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में भारत ने अफगानिस्तान को 50 हजार टन से अधिक गेहूं, 380 टन दवाइयां और वैक्सीन तथा 40 हजार लीटर कीटनाशक भेजे हैं। इसके अलावा 2023 से अब तक करीब 3 हजार छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई है, जिनमें लगभग एक हजार महिलाएं शामिल हैं।

पाकिस्तान के प्रतिनिधि अहमद ने अपने बयान में कहा कि भारत को अफगानिस्तान में अपने निवेश के नुकसान का दुख है, क्योंकि पाकिस्तान ने वहां आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ सटीक कार्रवाई की है। इस बयान को भारत के आरोपों की अप्रत्यक्ष पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।

अपने जवाब में भारत के प्रतिनिधि हरीश ने कहा कि भारत की सहायता अफगानिस्तान के लोगों के लिए है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इससे अवगत है। उन्होंने अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत को उनके विकास और सफलता में सहयोग करने पर गर्व है।

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