नई दिल्ली : नई दिल्ली में पंचायतों की निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों का एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया है और महिलाओं के नेतृत्व वाली जमीनी स्तर की शासन व्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच का काम करेगा।
सम्मेलन में लगभग 700 प्रतिभागी शामिल होंगे, जिनमें केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, वरिष्ठ अधिकारी, निर्वाचित महिला प्रतिनिधि, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हैं। इस अवसर पर केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल और केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे भी उपस्थित रहेंगी।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा चयनित उत्कृष्ट महिला पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित करना है। इसके अलावा महिला-हितैषी ग्राम पंचायतों की बेहतरीन कार्यप्रणालियों, परिवर्तन की कहानियों और पंचायती राज मंत्रालय की निर्भया पहलों का विमोचन भी इस अवसर पर किया जाएगा।
सम्मेलन में दो तकनीकी सत्र आयोजित होंगे। पहला सत्र ग्रामीण शासन में महिला नेतृत्व और निर्णय लेने की भूमिका पर केंद्रित होगा, जबकि दूसरा सत्र महिला-हितैषी ग्राम पंचायतों के विकास और उनके सर्वोत्तम अभ्यास पर ध्यान देगा।
सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान की शुरुआत 4 मार्च 2025 को नई दिल्ली में की गई थी। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों (WER) के नेतृत्व, निर्णय लेने की क्षमता और शासन में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है।
मंत्रालय ने संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) 2025-26 के तहत 7,18,434 निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया है। इसके अतिरिक्त विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल ‘चैंपियनिंग चेंज: एम्पावरिंग वुमन लीडर्स इन लोकल गवर्नेंस एंड बियॉन्ड’ के अंतर्गत 1,21,512 प्रतिनिधियों की क्षमता का विस्तार किया गया है।
देशभर के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में महिला-हितैषी 744 आदर्श ग्राम पंचायतों की पहचान की गई है। इन पंचायतों में शासन में भागीदारी, स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा और कौशल विकास, आर्थिक अवसर और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रगति को मापने के लिए समर्पित डैशबोर्ड स्थापित किए गए हैं।
यह सम्मेलन न केवल महिला नेतृत्व की उपलब्धियों का जश्न मनाएगा बल्कि ग्रामीण शासन में महिलाओं की भागीदारी और क्षमता निर्माण को और अधिक सशक्त बनाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।