रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन शराब से जुड़ा मुद्दा सदन में गरमा गया। प्रश्नकाल के दौरान अवैध शराब निर्माण और मिलावट के आरोपों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने प्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण और देशी-विदेशी शराब में मिलावट की शिकायतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से इस पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की और कहा कि कई स्थानों से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
इस पर आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने सदन को बताया कि राज्य में अवैध शराब और मिलावट को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक अवैध शराब निर्माण से जुड़ी 51 शिकायतें और देशी-विदेशी शराब में मिलावट की 459 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन मामलों की जांच के लिए निरीक्षण और कार्रवाई का सिलसिला जारी है।
विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्यों से भी अवैध रूप से शराब की तस्करी हो रही है, जिससे समस्या और बढ़ रही है। इस दौरान उन्होंने पूर्व सरकार के समय हुए कथित शराब घोटाले का भी जिक्र किया, जिसके बाद सदन में माहौल और गर्म हो गया।
इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि किसी भी विधायक को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने यह भी पूछा कि घोटाले से जुड़े मामलों में अब तक कितने लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं और क्या कार्रवाई हुई है।
सदन में बढ़ते हंगामे के बीच सभापति धरमलाल कौशिक ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि चर्चा प्रश्न से जुड़ी सीमा में ही होनी चाहिए। वहीं मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इस प्रकरण में अब तक 22 अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।
शराब के मुद्दे पर हुई इस बहस ने सदन में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया और कुछ समय तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी रही।