नई दिल्ली : ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का पहला आधिकारिक संदेश गुरुवार को सरकारी टीवी के जरिए देश के सामने रखा गया। इस संदेश में उन्होंने मौजूदा हालात को लेकर कड़ा रुख दिखाते हुए कहा कि देश अपने शहीदों के खून को बेकार नहीं जाने देगा और हमलों का जवाब देता रहेगा।
अपने संबोधन में उन्होंने ईरानी सेना की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सेना ने देश की एकता और सुरक्षा को बनाए रखा है। उन्होंने सैनिकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि दबाव और हमलों के दौर में भी उन्होंने किसी को ईरान पर हावी नहीं होने दिया। खामेनेई ने यह भी संकेत दिया कि जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर दुश्मनों को और कड़ा जवाब दिया जाएगा।
नए सुप्रीम लीडर ने क्षेत्रीय राजनीति पर भी बात की और कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध चाहता है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में कुछ सहयोगी ताकतें भी ईरान के समर्थन में खड़ी हैं। उनके अनुसार यमन और इराक में मौजूद कुछ हथियारबंद समूह जरूरत पड़ने पर मदद के लिए तैयार हैं।
खामेनेई ने देशवासियों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि दुश्मनों पर दबाव बनाए रखने के लिए रणनीतिक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र ईरान की रणनीति का अहम हिस्सा बना रहेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का निशाना केवल क्षेत्र में मौजूद संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन्य ठिकाने हैं और पड़ोसी देशों से दुश्मनी नहीं है।
उन्होंने उन देशों को भी चेतावनी दी, जिनकी जमीन पर अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। खामेनेई ने कहा कि यदि ऐसे ठिकानों को बंद नहीं किया गया, तो उन्हें निशाना बनाया जा सकता है।
उधर, नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति के बाद से वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। जानकारी के मुताबिक हाल ही में हुए एक हवाई हमले में वे घायल हो गए थे। उसी हमले में उनके पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद ईरान की राजनीति और सुरक्षा हालात को लेकर पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।