नई दिल्ली : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव अब लगातार बढ़ता जा रहा है और इसका असर खाड़ी क्षेत्र की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री गतिविधियों पर भी दिखाई देने लगा है। सैन्य गतिविधियों के बीच तेल परिवहन और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
भारत के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह स्थित ऑयल टर्मिनल के पास एक हमले की घटना सामने आई। उस समय वहां भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर ‘जग लाड़की’ कच्चा तेल भर रहा था। मंत्रालय के अनुसार जहाज पर मौजूद सभी भारतीय कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं। टैंकर ने करीब 80,800 मीट्रिक टन कच्चा तेल लोड करने के बाद सुरक्षित रूप से भारत के लिए रवाना हो गया।
इधर क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने रविवार को इजराइल की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागी। बताया गया है कि मिसाइल के अवशेष गिरने से एक ऐसी इमारत को नुकसान पहुंचा, जहां अमेरिकी राजनयिक काम करते हैं। हालांकि घटना इजराइल के किस शहर में हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
उल्लेखनीय है कि इजराइल में अमेरिका का मुख्य दूतावास यरुशलम में है, जबकि तेल अवीव में भी उसका एक महत्वपूर्ण कार्यालय मौजूद है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कई देश स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
इस बीच ईरान ने अपने नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि मुजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें किसी प्रकार की चोट नहीं लगी है। दरअसल ब्रिटिश मीडिया की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फरवरी में अमेरिका-इजराइल के हमले में वे घायल हो गए थे और कोमा में हैं, जिसे ईरान ने गलत बताया है।