पत्थलगांव/अम्बिकापुर। सिविल अस्पताल पत्थलगांव में पसरी अव्यवस्थाओं और एक शिक्षक की मृत्यु के बाद परिजनों को हुई भारी परेशानी की खबर को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। संभागीय संयुक्त संचालक (स्वास्थ्य सेवायें) सरगुजा संभाग, डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने अस्पताल प्रबंधन को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर 3 कार्य दिवस के भीतर जवाब तलब किया है।
क्या है पूरा मामला?
बीते दिनों दैनिक समाचार पत्र में “शिक्षक की हार्ट अटैक से मौत के बाद सिविल अस्पताल में भटकते रहे परिजन” शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित हुआ था। खबर में बताया गया था कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को उचित इलाज और सम्मानजनक व्यवहार के लिए भटकना पड़ रहा है। सबसे गंभीर आरोप यह था कि अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर की जानकारी देने वाला ‘ड्यूटी बोर्ड’ अक्सर खाली रहता है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को पता ही नहीं चलता कि इलाज के लिए किसके पास जाना है।
नोटिस में सख्त लहजे का प्रयोग
संयुक्त संचालक डॉ. शुक्ला द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि अस्पताल अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। नोटिस में कहा गया है कि यदि 3 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, तो संबंधितों के विरुद्ध ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966’ के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। आम जनता ने इस पहल का स्वागत किया है, क्योंकि लंबे समय से पत्थलगांव सिविल अस्पताल में सुविधाओं के अभाव और कर्मचारियों के कथित अड़ियल रवैये की शिकायतें मिल रही थीं। अब देखना यह होगा कि इस नोटिस के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना सुधार आता है।