रेल सुरक्षा में बड़ा सुधार, एक दशक में हादसों में 90 प्रतिशत गिरावट

नई दिल्ली: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद को जानकारी दी कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रेलवे में सुरक्षा व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। इसके चलते गंभीर रेल दुर्घटनाओं की संख्या में लगभग 90 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है।

लोकसभा में दिए गए लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि रेलवे के लिए यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। लगातार किए जा रहे तकनीकी सुधार और बुनियादी ढांचे के विकास के कारण रेल संचालन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हुआ है।

सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2014-15 में गंभीर रेल दुर्घटनाओं की संख्या 135 थी, जो घटकर 2025-26 में (28 फरवरी तक) केवल 14 रह गई है। यह रेलवे सुरक्षा में आए बड़े सुधार को दर्शाता है।

रेल मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2004-05 से 2013-14 के बीच कुल 1,711 गंभीर रेल दुर्घटनाएं हुई थीं। इन हादसों में 904 लोगों की मौत हुई और 3,155 लोग घायल हुए थे। वहीं 2014-15 से 2023-24 के दौरान दुर्घटनाओं की संख्या घटकर 678 रह गई, जिनमें 748 लोगों की जान गई और 2,087 लोग घायल हुए।

हाल के वर्षों के आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में 31 गंभीर दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 18 लोगों की मौत और 92 लोग घायल हुए। जबकि 2025-26 में फरवरी तक 14 दुर्घटनाएं सामने आईं, जिनमें 16 लोगों की मौत और 28 लोग घायल हुए।

रेल मंत्री ने बताया कि दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ट्रैक के बेहतर रखरखाव, आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली और नई तकनीकों को तेजी से लागू किया गया है। साथ ही रेलवे सुरक्षा पर होने वाला खर्च भी लगातार बढ़ाया गया है।

सुरक्षा संबंधी गतिविधियों पर 2013-14 में लगभग 39,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जो बढ़कर 2025-26 में 1,17,693 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा 2026-27 के लिए 1,20,389 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट निर्धारित किया गया है।

मानवीय त्रुटियों को कम करने के लिए देशभर के 6,665 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की गई है। इसके अलावा 10,153 से अधिक लेवल क्रॉसिंग गेटों पर भी इंटरलॉकिंग की व्यवस्था की गई है। साथ ही 6,669 स्टेशनों पर ट्रैक सर्किटिंग प्रणाली लागू की गई है, जिससे ट्रैक पर ट्रेन की उपस्थिति का पता लगाने में मदद मिलती है।

रेल मंत्री ने यह भी बताया कि स्वदेशी तकनीक से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच ट्रेन सुरक्षा प्रणाली को 2020 में राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया गया था। इसके नवीनतम संस्करण को अब तक 1,452 किलोमीटर रेलवे मार्ग पर लागू किया जा चुका है, जिसमें दिल्ली–मुंबई रेल मार्ग और दिल्ली–हावड़ा रेल मार्ग जैसे व्यस्त मार्ग शामिल हैं।

मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचे में लगातार निवेश से भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो रही है, जिससे भविष्य में रेल दुर्घटनाओं को और कम करने में मदद मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *