मेटा ने लॉन्च किया एआई सहायता सहायक, फेसबुक और इंस्टाग्राम उपयोगकर्ताओं को अब तुरंत मिलेगी मदद

नई दिल्ली: तकनीकी कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स ने अपने सोशल मीडिया मंच फेसबुक और इंस्टाग्राम के उपयोगकर्ताओं के लिए एक नया कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सहायता सहायक शुरू करने की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि इस नई सुविधा का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को मिलने वाली सहायता को अधिक तेज, आसान और प्रभावी बनाना है।

कंपनी के अनुसार, यह एआई आधारित सहायक उपयोगकर्ताओं के सवालों का तुरंत जवाब देने के साथ-साथ उनकी ओर से कई जरूरी कार्य भी कर सकेगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी और कुछ ही सेकंड में प्रतिक्रिया देने में सक्षम होगी।

एआई सहायक क्या-क्या कर सकेगा

कंपनी की जानकारी के अनुसार यह नई सुविधा फिलहाल एंड्रॉयड, आईओएस और डेस्कटॉप पर मौजूद सहायता केंद्र में धीरे-धीरे शुरू की जा रही है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता कई प्रकार की समस्याओं का समाधान पा सकेंगे।

इस सुविधा की मदद से उपयोगकर्ता:

  • धोखाधड़ी या फर्जी खातों की शिकायत दर्ज कर सकेंगे
  • हटाई गई सामग्री का कारण जान सकेंगे
  • सामग्री हटाने के फैसले के खिलाफ अपील कर सकेंगे
  • गोपनीयता से जुड़ी सेटिंग्स में बदलाव कर सकेंगे
  • पासवर्ड बदलने और प्रोफाइल जानकारी संपादित करने जैसे काम कर सकेंगे

फिलहाल यह सुविधा मुख्य रूप से फेसबुक उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि जल्द ही इंस्टाग्राम उपयोगकर्ताओं को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। यह सहायक सीधे ऐप के भीतर ही मौजूद होगा, इसलिए सहायता के लिए उपयोगकर्ताओं को किसी अलग मंच पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सामग्री निगरानी को भी मिलेगा सहारा

मेटा ने यह भी बताया है कि वह अपने मंचों पर सामग्री की निगरानी को बेहतर बनाने के लिए उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियों पर काम कर रही है। इन प्रणालियों की मदद से ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी पहचान और हानिकारक सामग्री की पहचान पहले की तुलना में अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी।

कंपनी के शुरुआती परीक्षणों में प्रतिदिन हजारों संदिग्ध धोखाधड़ी प्रयासों का पता लगाया गया। साथ ही मशहूर हस्तियों के नाम से बनाए गए नकली खातों से जुड़ी शिकायतों में भी बड़ी कमी देखी गई। इसके अलावा अनुचित सामग्री की पहचान करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने कई मामलों में मानव टीमों से बेहतर प्रदर्शन किया है।

कंपनी का मानना है कि इस नई तकनीक के उपयोग से मंच की सुरक्षा मजबूत होगी और उपयोगकर्ताओं का अनुभव भी पहले से बेहतर बनेगा।

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