वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। ट्रंप के मुताबिक, दोनों देशों के बीच अगले पाँच दिनों के भीतर एक अहम और ऐतिहासिक समझौता हो सकता है। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है और पूरी दुनिया की नजरें इस संभावित समझौते पर टिक गई हैं।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी वजह से उन्होंने फिलहाल ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई को पाँच दिनों के लिए टालने का आदेश दिया है, ताकि कूटनीतिक प्रयासों को पूरा मौका मिल सके।
‘समझौते के लिए तैयार है ईरान’
फॉक्स बिजनेस नेटवर्क के कार्यक्रम ‘मॉर्निंग्स विद मारिया’ में बातचीत के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरान इस समय समझौते के लिए काफी उत्सुक दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह समझौता पाँच दिनों के भीतर या उससे पहले भी तय हो सकता है।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने रविवार रात अपने ईरानी समकक्षों के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की। उनका कहना है कि यह चर्चा काफी सकारात्मक और उपयोगी रही है, जिससे पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव को खत्म करने की उम्मीद बढ़ी है। इसी कारण रक्षा विभाग को फिलहाल संभावित हमलों को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पहले दी गई थी चेतावनी
यह कूटनीतिक हलचल ऐसे समय में तेज हुई है जब अमेरिका ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए 48 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर भी इस बात की पुष्टि की कि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि सैन्य कार्रवाई पर लगाई गई पाँच दिनों की रोक पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि बातचीत आगे किस दिशा में बढ़ती है और उसमें कितनी प्रगति होती है।
ईरान का पलटवार
जहाँ ट्रंप इसे अपनी कूटनीतिक सफलता बता रहे हैं, वहीं ईरान ने इस फैसले को अमेरिका की मजबूरी बताया है। ईरान का कहना है कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जाता, तो वह पूरे पश्चिम एशिया में ऊर्जा और जल अवसंरचनाओं पर कड़ा जवाबी हमला करता।
काबुल स्थित ईरानी दूतावास ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान की सख्त चेतावनी के बाद ही हमले टालने का निर्णय लिया है। वहीं ईरान की प्रमुख समाचार एजेंसी तस्नीम ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि डोनाल्ड ट्रंप इस संघर्ष से पीछे हटते नजर आ रहे हैं।