मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: शिक्षकों का मानदेय दोगुना, कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी

भोपाल: मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विकास, निवेश, जल संरक्षण, शिक्षा और युवाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार राज्य में तकनीक, निवेश और सामाजिक योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

राज्य में एआई मिशन को मंजूरी

कैबिनेट ने कृषि, स्वास्थ्य, पोषण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय एआई मिशन को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही करीब 6940 करोड़ रुपये की विभिन्न निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।

निवेश को बढ़ावा देने की पहल

राज्य में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने कई कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री के हालिया जयपुर दौरे के दौरान कृषि आधारित उद्योगों पर चर्चा हुई थी, जिसमें कपड़ा उद्योग सहित 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में करीब 5055 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए।

जल संरक्षण के लिए बड़ा अभियान

राज्य में जल संसाधनों के संरक्षण के लिए 2500 करोड़ रुपये की लागत से ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण करना और जल उपलब्धता को बढ़ाना है।

शिक्षकों और बच्चों के लिए राहत

कैबिनेट ने दिव्यांगता क्षेत्र में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी का फैसला लिया है। अब उनका मानदेय 9000 रुपये से बढ़ाकर 18000 रुपये कर दिया गया है।

इसके अलावा कुपोषित बच्चों के लिए पूरक पोषण आहार की राशि भी बढ़ाई गई है। पहले जहां यह राशि 8 रुपये प्रतिदिन थी, अब इसे बढ़ाकर 12 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है।

युवाओं के लिए ‘शौर्य संकल्प’ योजना

ओबीसी वर्ग के युवाओं को सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ शुरू की जाएगी। यह योजना तीन वर्षों तक संचालित होगी।

इसके तहत हर साल 4000 युवाओं को 40 दिन का आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान पुरुष अभ्यर्थियों को 1000 रुपये और महिला अभ्यर्थियों को 1200 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। शुरुआती चरण में संभाग स्तर पर 10 प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें आगे चलकर बढ़ाया जा सकता है।

इन फैसलों को राज्य के विकास, युवाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक योजनाओं को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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