श्रीनगर: लद्दाख क्षेत्र में शुक्रवार को मौसम का प्रकोप देखने को मिला, जब जोजिला दर्रे के पास आए भीषण हिमस्खलन ने बड़ा हादसा कर दिया। इस घटना में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य लोग घायल हो गए। हादसा श्रीनगर–लेह राष्ट्रीय राजमार्ग के लद्दाख की ओर वाले हिस्से में हुआ, जहां अचानक भारी मात्रा में बर्फ खिसककर सड़क पर आ गई और कई वाहन इसकी चपेट में आ गए।
शुरुआती समय में प्रशासन ने किसी भी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं की थी। हालांकि बाद में जब राहत और बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर बर्फ और मलबे में दबे वाहनों को निकालना शुरू किया, तो उनमें से 6 लोगों के शव बरामद हुए। वहीं घायल यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
बताया जा रहा है कि दिन के समय अचानक आए इस हिमस्खलन ने हाईवे पर चल रहे कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर श्रीनगर–लेह हाईवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और मार्ग से बर्फ हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है।
करीब 434 किलोमीटर लंबा श्रीनगर–लेह मार्ग रणनीतिक और पर्यटन दोनों दृष्टियों से बेहद अहम माना जाता है। यह सड़क लगभग 11,575 फीट की ऊंचाई पर स्थित जोजिला दर्रे से होकर गुजरती है। सर्दियों में भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण यहां यातायात अक्सर बाधित हो जाता है।
इसी समस्या को देखते हुए सरकार जोजिला दर्रे के नीचे एक बड़ी सुरंग परियोजना का निर्माण कर रही है। लगभग 14.2 किलोमीटर लंबी यह टनल तैयार होने के बाद सोनमर्ग (जम्मू-कश्मीर) और द्रास (लद्दाख) के बीच पूरे साल सुरक्षित आवाजाही संभव हो सकेगी।
परियोजना पूरी होने पर लद्दाख क्षेत्र को हर मौसम में देश के बाकी हिस्सों से बेहतर संपर्क मिलेगा। इससे पर्यटन, स्थानीय कारोबार और सेना की आपूर्ति व्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह सुरंग जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में प्रस्तावित कुल 31 सड़क सुरंगों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिन पर लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण पूरा होने के बाद इसे एशिया की सबसे लंबी सड़क सुरंगों में से एक माना जाएगा।