रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले मामले में अहम घटनाक्रम सामने आया है। मामले के आरोपी सौम्या चौरसिया और के.के. श्रीवास्तव को अदालत से सशर्त जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया है। कोर्ट ने दोनों को कुछ शर्तों के साथ राहत दी है, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा।
अदालत ने आदेश दिया है कि दोनों आरोपियों को अपना पासपोर्ट न्यायालय में जमा करना होगा और मामले की हर सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना पड़ेगा। दोनों लंबे समय से इस मामले में जेल में बंद थे और उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया गया।
इसी बीच इस मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने अदालत में नौवां पूरक चालान भी पेश किया है। यह पूरक चालान सौम्या चौरसिया, के.के. श्रीवास्तव और देवेन्द्र डडसेना के खिलाफ दाखिल किया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, सौम्या चौरसिया पर अपने पद का दुरुपयोग कर कथित शराब सिंडिकेट को संरक्षण देने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं के.के. श्रीवास्तव पर अवैध नगदी के लेन-देन और पूरे नेटवर्क के संचालन में अहम भूमिका निभाने का आरोप है।
इसके अलावा देवेन्द्र डडसेना पर आरोप है कि वह अवैध रूप से एकत्र की गई राशि को संभालने और उसे आगे पहुंचाने के काम में सक्रिय रूप से शामिल था। इस मामले में तीनों आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।