दुर्ग, 9 अप्रैल: जिला पुलिस और प्रशासन ने अवैध गतिविधियों में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधीश दुर्ग ने पुलिस के प्रतिवेदन पर सुनवाई करते हुए अवैध शराब परिवहन और पशु तस्करी में प्रयुक्त तीन वाहनों को राजसात (सरकारी संपत्ति घोषित) करने का आदेश जारी किया है।
पुराने मामलों में हुई बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई थाना जामुल और थाना रानीतराई में दर्ज अलग-अलग प्रकरणों के आधार पर की गई है। पुलिस ने इन मामलों में न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया था, बल्कि अपराध में इस्तेमाल की गई गाड़ियों को भी अपनी कस्टडी में लिया था।
इन वाहनों पर गिरी गाज:
आइसर (CG-07/BS-1180): वर्ष 2021 में थाना जामुल पुलिस ने इस वाहन को भारी मात्रा में अवैध शराब का परिवहन करते हुए पकड़ा था।
पिक-अप (CG-07/CN-2670): सितंबर 2024 में जामुल पुलिस ने इसे मवेशियों की तस्करी करते हुए जब्त किया था।
अशोक लीलैंड ट्रक (UP-11/CT-5490): अप्रैल 2024 में रानीतराई पुलिस ने इस ट्रक के जरिए की जा रही पशु तस्करी का भंडाफोड़ किया था।
कलेक्टर ने जारी किए आदेश
दुर्ग पुलिस द्वारा ठोस साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत किए गए प्रतिवेदन पर जिलाधीश ने मुहर लगा दी है। अब ये तीनों वाहन शासन के अधीन होंगे। इस कार्रवाई से जिले के अवैध शराब तस्करों और पशु तस्करों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस की प्रभावी निगरानी
एसपी दुर्ग के निर्देशन में थाना जामुल और रानीतराई पुलिस की टीम ने इन मामलों में प्रभावी विवेचना की, जिसके फलस्वरूप वाहनों को राजसात कराने में सफलता मिली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी अवैध गतिविधियों में शामिल संपत्तियों के खिलाफ इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।