नई दिल्ली: भारतीय खेल जगत में अनुशासन और खिलाड़ियों की गरिमा को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। पैरालंपिक से जुड़े एक वरिष्ठ कोच के खिलाफ आई शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई देश के शीर्ष एथलीटों द्वारा उठाए गए गंभीर मुद्दों के बाद की गई।
मामले ने तूल तब पकड़ा जब पैरा एथलीट सुमित अंतिल ने खेल प्राधिकरण को औपचारिक शिकायत भेजकर कोच के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कोच का रवैया खिलाड़ियों के प्रति अपमानजनक था और कई मौकों पर अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया कि इस तरह के व्यवहार से खिलाड़ियों पर मानसिक दबाव बन रहा था।
इस विवाद में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए खिलाड़ियों के पक्ष का समर्थन किया। उन्होंने इस तरह की घटनाओं को खेल भावना के खिलाफ बताते हुए सख्त कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया।
शिकायत सामने आने के बाद पैरालंपिक समिति ने बिना देरी किए मामले की जांच शुरू की। कई खिलाड़ियों और संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर पाया गया। इसके बाद समिति ने आपात बैठक बुलाकर कोच को उनके पद से हटाने का निर्णय लिया।
समिति की ओर से जारी बयान में कहा गया कि खिलाड़ियों के सम्मान, सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम और निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी।
इस कार्रवाई को खेल जगत में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जहां अब खिलाड़ियों की आवाज को प्राथमिकता दी जा रही है और अनुशासनहीनता के खिलाफ तुरंत कदम उठाए जा रहे हैं।