नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल का असर अब वैश्विक आईटी सेक्टर में साफ दिखाई देने लगा है। इसी बीच बड़ी टेक कंपनियां अपने ढांचे को नए तकनीकी बदलावों के अनुरूप ढालने के लिए बड़े पैमाने पर पुनर्गठन की दिशा में कदम उठा रही हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मेटा प्लेटफॉर्म्स अपने संगठन में करीब 10 प्रतिशत कर्मचारियों की कटौती की योजना पर काम कर रही है, जिसमें लगभग 8,000 पद प्रभावित हो सकते हैं। कंपनी कई खाली पदों को भी फिलहाल न भरने का फैसला कर चुकी है, जिससे कुल वर्कफोर्स में और कमी आने की संभावना है।
वहीं दूसरी ओर माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन भी अपने मानव संसाधन ढांचे में बदलाव कर रही है। कंपनी ने अमेरिका में कुछ कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना का विकल्प दिया है, जिससे हजारों कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है। अनुमान है कि हजारों की संख्या में कर्मचारी इस प्रक्रिया से प्रभावित हो सकते हैं।
दोनों ही कंपनियां एक ओर जहां एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और क्लाउड टेक्नोलॉजी में भारी निवेश कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर लागत नियंत्रण और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाने की रणनीति अपना रही हैं।
मेटा प्लेटफॉर्म्स ने हाल के महीनों में एआई से जुड़े बड़े निवेश और साझेदारियों पर अरबों डॉलर खर्च किए हैं, जबकि माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन भी अपने वैश्विक डेटा सेंटर नेटवर्क के विस्तार और नई तकनीकी परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है।
कंपनियों के आंतरिक प्रबंधन का कहना है कि यह कदम बदलते तकनीकी माहौल के अनुसार संगठन को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाने के लिए उठाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के बढ़ते प्रभाव के साथ आईटी सेक्टर में नौकरियों की संरचना बदल रही है, जहां कुछ पारंपरिक भूमिकाएं कम हो रही हैं, वहीं नई तकनीकी भूमिकाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है।