भिलाई : शहर के प्रतिष्ठित अस्पतालों को निशाना बनाकर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़ी तस्वीरों के सहारे ब्लैकमेलिंग करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया है। आरोपी को आज सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण (मुलाहिजा) के लिए लाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसकी जांच की।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल पहुंचते ही आरोपी ने अजीब व्यवहार करते हुए हंगामा करने की कोशिश की। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी अपने पास नेताओं के साथ फोटो और फर्जी पत्र दिखाकर अस्पतालों पर दबाव बनाने और आर्थिक वसूली का प्रयास करता था।
यह मामला शहर के पावर हाउस क्षेत्र स्थित एस.बी.एस. हॉस्पिटल से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां से लगभग 5 लाख रुपये की अवैध मांग और धमकी की शिकायत सामने आई है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से यह शिकायत मैनेजर निर्मल सिंह (47) ने दर्ज कराई थी, जो कोहका क्षेत्र के निवासी हैं।

शिकायत में बताया गया है कि आरोपी गुरमीत सिंह वाधवा (लगभग 55 वर्ष), निवासी सुंदर नगर भिलाई, अस्पताल में इलाज के दौरान पहले तो सुविधाओं का लाभ लेता रहा, लेकिन बाद में दवाओं के बिल को गलत बताते हुए प्रबंधन पर दबाव बनाने लगा। आरोप है कि उसने अस्पताल परिसर में आकर खुलेआम पैसे की मांग की और मांग पूरी न होने पर झूठे केस और आरटीआई जैसी प्रक्रियाओं में फंसाने की धमकी दी।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि संस्था एक चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत संचालित है और कई मरीजों को निशुल्क या रियायती इलाज प्रदान किया जाता है। इसी व्यवस्था का लाभ आरोपी भी ले चुका था, लेकिन बाद में उसने इसी प्रक्रिया को आधार बनाकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी।

घटना के समय मौजूद स्टाफ ने भी पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की है, जबकि अस्पताल प्रशासन के पास कथित घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सुरक्षित बताया जा रहा है।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा एवं संपत्ति की हानि की रोकथाम) अधिनियम 2010 की धारा 3 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पीड़ित पक्ष ने थाना छावनी में दोबारा आवेदन देकर मामले में सख्त और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और अस्पताल प्रशासन को राहत मिल सके।



