नई दिल्ली : नई दिल्ली से आई बड़ी खबर में भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल बैंकिंग सेक्टर पर कड़ा कदम उठाते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह आदेश 24 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जा रहा है। इस फैसले के बाद बैंक की नई बैंकिंग गतिविधियों पर रोक लग गई है, जिससे ग्राहकों के बीच चिंता का माहौल बन गया है।
आरबीआई के अनुसार, यह कार्रवाई बैंकिंग नियमों के गंभीर उल्लंघन और संचालन में लगातार पाई गई खामियों के चलते की गई है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि नियमों का पालन न करना और सिस्टम में पाई गई अनियमितताएं इस कठोर निर्णय का मुख्य कारण रहीं।
लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक अब नए जमा स्वीकार नहीं कर सकेगा और कई बैंकिंग सेवाएं भी सीमित हो जाएंगी। हालांकि, मौजूदा ग्राहकों को राहत देते हुए आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि उनके पैसे पर कोई खतरा नहीं है और जमा राशि सुरक्षित रहेगी।
ग्राहकों के लिए स्थिति इस प्रकार है कि वे अपने खाते में मौजूद पैसे को निकाल सकते हैं, लेकिन नए लेन-देन या जमा पर रोक लग सकती है। वहीं यूपीआई और डिजिटल वॉलेट सेवाएं, जो अन्य बैंकों के माध्यम से संचालित होती हैं, सामान्य रूप से जारी रह सकती हैं।
इस फैसले के बाद ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने खाते की स्थिति की जांच करें और आवश्यकता होने पर अपनी राशि को अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित करें। साथ ही किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की भी सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पूरे फिनटेक सेक्टर के लिए एक सख्त संदेश है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। हालांकि ग्राहकों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि उनकी जमा पूंजी सुरक्षित बनी हुई है।