रायपुर में राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान 2025-26, 160 शिक्षक हुए सम्मानित

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के 160 शिक्षकों को “राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान सह शैक्षिक संप्रवाह 2025-26” से सम्मानित किया गया। यह आयोजन शिक्षा में नए प्रयोग और रचनात्मक तरीकों को प्रोत्साहित करने के लिए किया गया था।

इस अवसर पर गरियाबंद जिले के 7 शिक्षकों ने भी अपने उत्कृष्ट और नवाचारी शिक्षण कार्यों के दम पर विशेष पहचान बनाई और सम्मान प्राप्त किया।

गरियाबंद के शिक्षकों का प्रदर्शन

सम्मान पाने वाले शिक्षकों में पद्मजा गुप्ता, नीता यादव (फिंगेश्वर), सोनाली (मैनपुर), मोहम्मद अनवर खान (छुरा), संतोष कुमार तांडी (छुरा), सुशील कुमार अवस्थी (देवभोग) सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे। इन शिक्षकों ने अपने स्कूलों में नई शिक्षण पद्धतियों और प्रयोगात्मक तरीकों को अपनाकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है।

नवाचारों की रही आकर्षक प्रस्तुति

कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों ने अपने-अपने नवाचारों की लाइव प्रस्तुति दी। प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा, डिजिटल टूल्स का उपयोग और छात्र-केंद्रित शिक्षण मॉडल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी

इस अवसर पर शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का आयोजन स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय, रायपुर में किया गया, जहां देशभर से आए शिक्षकों ने भाग लिया।

चयन प्रक्रिया रही सख्त

इस सम्मान के लिए सैकड़ों आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से दस्तावेज सत्यापन, इंटरव्यू और मूल्यांकन के कई चरणों के बाद चयन किया गया। केवल उन्हीं शिक्षकों को यह सम्मान मिला जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में वास्तविक और प्रभावी नवाचार किए हैं।

यह आयोजन न केवल शिक्षकों के कार्यों को पहचान देने का माध्यम बना, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।

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