बंगाल चुनाव 2026: अंतिम चरण में 92.25% वोटिंग, बना नया रिकॉर्ड

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 ने मतदान के मामले में नया इतिहास रच दिया है। अंतिम चरण में रिकॉर्ड मतदान दर्ज हुआ, जिसने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। खास बात यह रही कि इतने बड़े पैमाने पर वोटिंग के बावजूद चुनाव लगभग पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।

दूसरे और अंतिम चरण में सात जिलों की 142 सीटों पर रात 9 बजे तक 92.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इससे पहले पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। दोनों चरणों को मिलाकर कुल मतदान 92.72 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा माना जा रहा है। अंतिम आंकड़े में और इजाफा संभव है।

शांतिपूर्ण चुनाव बना मिसाल
इस बार का चुनाव कई मायनों में खास रहा। आमतौर पर चुनावी हिंसा के लिए चर्चा में रहने वाला बंगाल इस बार पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। न बड़े स्तर पर हिंसा हुई, न कोई गंभीर घटना सामने आई। प्रशासन, चुनाव आयोग, केंद्रीय बलों और पुलिस की सतर्कता ने मिलकर मतदान को शांतिपूर्ण बनाने में अहम भूमिका निभाई।

हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। शुरुआती दो घंटों में ही करीब 20 प्रतिशत मतदान हो गया था। 11 बजे तक यह आंकड़ा 40 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि दोपहर बाद तेजी से बढ़ते हुए शाम तक रिकॉर्ड स्तर छू लिया। युवा, बुजुर्ग और महिलाएं—हर वर्ग के लोगों ने उत्साह के साथ मतदान किया।

कोलकाता ने भी बदली परंपरा
जहां पहले कोलकाता में अपेक्षाकृत कम मतदान होता था, इस बार वहां भी लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शहर में 88.52 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2021 के मुकाबले काफी अधिक है।

जिलों में भी रिकॉर्ड प्रदर्शन
पूर्व बर्धमान जिले में सबसे अधिक 93.70 प्रतिशत मतदान हुआ। कई अन्य जिलों में भी वोटिंग का प्रतिशत 90 के पार पहुंच गया, जिससे चुनावी उत्साह साफ झलकता है।

बड़ी हस्तियों की किस्मत ईवीएम में कैद
मतदान खत्म होते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी समेत कई दिग्गज नेताओं और कुल 2,900 से ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई है। अब सभी को नतीजों का इंतजार है, जो 4 मई को सामने आएंगे।

छिटपुट घटनाएं जरूर, लेकिन नियंत्रण में
हालांकि कुछ जगहों से तोड़फोड़ और झड़प की मामूली घटनाएं सामने आईं, लेकिन सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई से हालात बिगड़ने नहीं दिए गए।

कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव 2026 ने रिकॉर्ड मतदान और शांतिपूर्ण माहौल के साथ एक नई मिसाल पेश की है, जिसे लोकतंत्र के मजबूत होते स्वरूप के रूप में देखा जा रहा है।

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