तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा चुनाव के रुझानों ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन मजबूत बढ़त बनाता दिख रहा है, जिससे सत्ता परिवर्तन की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। जैसे-जैसे नतीजे साफ होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है कि राज्य की कमान आखिर किस नेता को सौंपी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर मंथन तेज हो गया है। कई वरिष्ठ नेता इस दौड़ में माने जा रहे हैं और हाईकमान के सामने विकल्पों की कमी नहीं है। मौजूदा राजनीतिक हालात में विधानसभा में विपक्ष की अगुवाई कर चुके नेता को सबसे आगे माना जा रहा है, वहीं संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले एक अन्य वरिष्ठ नेता भी बराबरी की टक्कर दे रहे हैं।
इसी बीच, राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले एक चर्चित चेहरे का नाम भी तेजी से उभर रहा है। उनके बयानों और अलग रुख को लेकर पहले भी कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं, जिसके चलते उनकी उम्मीदवारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में दिलचस्पी और बढ़ गई है।
इसके अलावा, पार्टी संगठन में लंबे समय से अहम भूमिका निभा रहे एक रणनीतिकार नेता को भी इस रेस में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी नजदीकियां और संगठनात्मक अनुभव उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाते हैं।
अब सबकी निगाहें कांग्रेस आलाकमान के फैसले पर टिकी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व किसे आगे बढ़ाता है और केरल की सत्ता की जिम्मेदारी किसके हाथों में जाती है।