चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में इस बार चुनावी नतीजों ने बड़ा राजनीतिक समीकरण बदल दिया है। छह दशकों से जारी द्रविड़ दलों के वर्चस्व को चुनौती देते हुए अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कझगम) ने 2026 विधानसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन कर सभी को चौंका दिया है।
पहली बार चुनावी मैदान में उतरी TVK ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटों पर बढ़त हासिल कर राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। हालांकि, बहुमत के जादुई आंकड़े 118 से पार्टी अभी भी करीब 10 सीटें पीछे है।
राजनीतिक समीकरण को और पेचीदा बनाते हुए पार्टी प्रमुख विजय ने दो सीटों—पेरंबूर और तिरुचि ईस्ट—से जीत दर्ज की है, जिनमें से उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। इसके अलावा सरकार बनने पर स्पीकर पद को लेकर भी एक सीट प्रभावी संख्या से बाहर हो जाएगी, जिससे TVK की वास्तविक ताकत और कम हो सकती है।
इन परिस्थितियों में TVK को बहुमत साबित करने के लिए अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। माना जा रहा है कि छोटे दल अब “किंगमेकर” की भूमिका में आ सकते हैं।
चुनाव परिणामों में DMK गठबंधन को मिश्रित समर्थन मिला है, जबकि कांग्रेस, वाम दल और अन्य सहयोगी पार्टियों ने सीमित सीटें हासिल की हैं। वहीं AIADMK गठबंधन भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका है, जिसमें भाजपा और PMK जैसे दलों को कुछ सीटों पर ही संतोष करना पड़ा है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अगर TVK कुछ छोटे दलों का समर्थन हासिल करने में सफल रहती है तो वह आसानी से सरकार बना सकती है। नहीं तो DMK को सरकार गठन का मौका मिल सकता है।
इस बीच राज्यपाल द्वारा सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधन की दौड़ और तेज होने के पूरे आसार हैं।