श्रीनगर : बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए हर साल होने वाली पवित्र Amarnath Yatra 2026 इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू होगी। यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और यात्रा सुविधाओं पर इस बार विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बालटाल और पहलगाम मार्ग पर बर्फ हटाने का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यात्रा शुरू होने से पहले दोनों रास्तों को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बना दिया जाएगा। सड़क मरम्मत, बैरिकेडिंग, लाइटिंग और आपातकालीन सुविधाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
गांदरबल जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त चेकिंग पॉइंट और निगरानी केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। बेस कैंपों पर आधुनिक स्कैनर और सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित तरीके से हो सके।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य शिविर, मोबाइल मेडिकल यूनिट और एंबुलेंस सेवाओं की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। यात्रा मार्ग पर अस्थायी शौचालय और पेयजल सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।
इस बार ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने के लिए RFID और ई-केवाईसी काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। पोनी, पिट्ठू और पालकी सेवाओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
13 से 70 वर्ष तक की आयु के श्रद्धालु यात्रा में भाग ले सकते हैं, जबकि गर्भवती महिलाओं के लिए यात्रा पर रोक रहेगी। यात्रा के लिए हेल्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया है, ताकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम किया जा सके।
श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण के साथ-साथ देशभर की अधिकृत बैंक शाखाओं के जरिए ऑफलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। प्रशासन ने सलाह दी है कि यात्रा शुरू होने से पहले ही पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, क्योंकि निर्धारित समय के बाद आवेदन बंद कर दिए जाएंगे।
हर साल लाखों श्रद्धालु हिमालय की ऊंची पहाड़ियों में स्थित बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा में प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह यात्रा कठिन पहाड़ी सफर और रोमांच के लिए भी दुनियाभर में प्रसिद्ध मानी जाती है।