वित्त वर्ष 2026 में निर्माण उपकरण उद्योग मजबूत, निर्यात में 31.5% की बड़ी छलांग

भारत का निर्माण उपकरण उद्योग वित्त वर्ष 2026 में घरेलू बिक्री में गिरावट के बावजूद मजबूत बना रहा। इंडियन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ICEMA) की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान निर्यात में 31.5 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिसने उद्योग को मजबूती प्रदान की।

रिपोर्ट में बताया गया कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के धीमे क्रियान्वयन, भूमि अधिग्रहण में देरी और फंड वितरण की सुस्ती के कारण घरेलू मांग प्रभावित हुई। इसके बावजूद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा निर्माण उपकरण बाजार बना हुआ है।

वित्त वर्ष 2025 में उद्योग का अनुमानित आकार 10 अरब डॉलर रहा, जो 2030 तक 8.3 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ बढ़कर 14.76 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि कुल उपकरण बिक्री में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 1,36,995 यूनिट रही। अधिकांश उपकरण श्रेणियों में घरेलू मांग में लगभग 7 प्रतिशत की कमी आई।

आईसीईएमए के अध्यक्ष और जेसीबी इंडिया के सीईओ दीपक शेट्टी ने कहा कि यह गिरावट उद्योग की संरचनात्मक कमजोरी नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के धीमे क्रियान्वयन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार का पूंजीगत व्यय उच्च स्तर पर बना हुआ है, लेकिन परियोजनाओं में देरी और धीमी वितरण प्रक्रिया ने उपकरणों की मांग को प्रभावित किया।

उन्होंने यह भी कहा कि निर्यात में हुई तेज वृद्धि भारतीय निर्माण उपकरणों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाती है और उद्योग देश के दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर आशावादी है।

रिपोर्ट के अनुसार, जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं में निधि वितरण की कमी, परियोजनाओं के कम आवंटन और ठेकेदारों के भुगतान में देरी से बुनियादी ढांचा क्षेत्र में तरलता प्रभावित हुई। वहीं, सीईवी स्टेज-V उत्सर्जन मानकों के लागू होने से उपकरणों की लागत भी बढ़ी है।

आईसीईएमए के उपाध्यक्ष और केस कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट इंडिया के प्रबंध निदेशक शलभ चतुर्वेदी ने कहा कि भारत की बुनियादी ढांचा विकास यात्रा मजबूत बनी हुई है। समय पर परियोजना निष्पादन, तेज कार्यान्वयन और ठेकेदारों को बेहतर वित्तीय सहायता से उद्योग की विकास गति फिर तेज हो सकती है।

एसोसिएशन का मानना है कि सड़क, रेलवे, खनन, शहरी विकास, आवास और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में लगातार निवेश से आने वाले वर्षों में निर्माण उपकरण उद्योग को मजबूती मिलती रहेगी।

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