दुर्ग। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 09 मई 2026 को जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों एवं विभिन्न प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर निराकरण किया जाएगा।
नेशनल लोक अदालत को आम नागरिकों के लिए सरल, सुलभ और त्वरित न्याय का प्रभावी माध्यम माना जाता है। इसमें पक्षकार आपसी संवाद और सहमति से अपने विवादों का समाधान कर सकते हैं। लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण से न्यायालय शुल्क की वापसी, समय और धन की बचत के साथ पारस्परिक संबंधों की पुनर्स्थापना जैसे लाभ भी मिलते हैं।
इस अवसर पर मध्यस्थता केन्द्र दुर्ग में भी विशेष रूप से मध्यस्थता के माध्यम से मामलों के निराकरण के प्रयास किए जाएंगे। मध्यस्थता प्रक्रिया में पक्षकार स्वयं समाधान का रास्ता तय करते हैं, जिससे विवादों का शांतिपूर्ण एवं स्थायी समाधान संभव हो पाता है। सिविल, आपराधिक, वैवाहिक, पारिवारिक, बैंकिंग, चेक अनादरण, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम, विद्युत सहित अन्य राजीनामा योग्य मामलों को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने के लिए पक्षकारों को प्रेरित किया जा रहा है।
इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय में 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के लिए जिला दुर्ग से संबंधित चिन्हांकित प्रकरणों में भी पक्षकारों को नोटिस जारी कर बुलाया गया है। इन मामलों में भी आपसी समझौते के माध्यम से विवादों के समाधान की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएंगे, ताकि पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सके।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग ने समस्त पक्षकारों, अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे नेशनल लोक अदालत एवं मध्यस्थता प्रक्रिया का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।