ऑपरेशन सिंदूर पर चीन का बड़ा कबूलनामा, पहली बार माना- पाकिस्तान की की थी मदद

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले वर्ष हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर चीन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से बड़ा खुलासा किया है। चीनी सरकारी मीडिया में सामने आए बयानों में स्वीकार किया गया है कि संघर्ष के दौरान चीन ने पाकिस्तान वायुसेना को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई थी। इस खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है।

चीनी सरकारी प्रसारक CCTV ने हाल ही में एविएशन इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) से जुड़े इंजीनियरों के इंटरव्यू प्रसारित किए। इन इंजीनियरों ने दावा किया कि भारत-पाक संघर्ष के दौरान वे पाकिस्तान में मौजूद थे और चीनी लड़ाकू विमानों के संचालन तथा तकनीकी सहायता में जुटे हुए थे।

एयरबेस पर लगातार काम कर रही थी टीम

चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंजीनियर झांग हेंग ने बताया कि संघर्ष के दौरान उनकी टीम लगातार एयरबेस पर तैनात रही। उन्होंने कहा कि वहां हर समय लड़ाकू विमानों की आवाजें और एयर अलर्ट सायरन गूंजते रहते थे।

झांग हेंग के मुताबिक भीषण गर्मी और तनावपूर्ण हालात के बावजूद उनकी टीम पाकिस्तान को हर संभव तकनीकी सहयोग दे रही थी। उन्होंने कहा कि उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि चीन के लड़ाकू विमान और हथियार वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन कर सकें।

J-10CE लड़ाकू विमान चर्चा में

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने संघर्ष के दौरान चीन निर्मित J-10CE लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया था। यह चीन के एडवांस फाइटर जेट J-10C का एक्सपोर्ट वर्जन माना जाता है, जिसमें AESA रडार और लंबी दूरी की आधुनिक मिसाइलें लगी होती हैं।

चीनी मीडिया में यह दावा भी किया गया कि संघर्ष के दौरान J-10CE ने भारत के फ्रांसीसी मूल के राफेल लड़ाकू विमान को निशाना बनाया था। हालांकि भारत की ओर से इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

दूसरे इंजीनियर ने भी किया दावा

चेंगदू संस्थान के एक अन्य इंजीनियर जू दा ने भी पाकिस्तान को दी गई तकनीकी सहायता का उल्लेख किया। उन्होंने J-10CE को अपने “बच्चे” जैसा बताते हुए कहा कि विमान ने युद्ध जैसी कठिन परिस्थितियों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया।

जू दा ने कहा कि उन्हें इस सफलता पर कोई आश्चर्य नहीं हुआ क्योंकि इस विमान को इसी तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया था।

मजबूत हो रही चीन-पाकिस्तान रक्षा साझेदारी

पाकिस्तान चीन निर्मित J-10C लड़ाकू विमान का उपयोग करने वाला पहला विदेशी देश है। उसने वर्ष 2020 में चीन से 36 लड़ाकू विमान और बड़ी संख्या में PL-15 मिसाइलें खरीदी थीं।

इसके अलावा पाकिस्तान वायुसेना पहले से चीन के साथ मिलकर विकसित किए गए JF-17 लड़ाकू विमानों का भी इस्तेमाल कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान अब चीन से पांचवीं पीढ़ी के आधुनिक लड़ाकू विमान हासिल करने की दिशा में भी प्रयास कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन और पाकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है, जिसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर भी पड़ सकता है।

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