नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोने के बढ़ते आयात बिल पर नियंत्रण और घरेलू बाजार को संतुलित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्टर्स के लिए शुल्क मुक्त सोने के आयात नियमों को तत्काल प्रभाव से सख्त कर दिया है।
नए नियमों के तहत अब एडवांस ऑथराइजेशन (AA) योजना के अंतर्गत कोई भी निर्यातक एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलोग्राम सोना ही शुल्क मुक्त आयात कर सकेगा। माना जा रहा है कि इस फैसले से ज्वेलरी उद्योग की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर आने वाले समय में सोने की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
यह निर्णय सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के बाद लिया गया है। सरकार का उद्देश्य सोने के आयात को नियंत्रित करना और व्यापारिक गतिविधियों की निगरानी को मजबूत करना है।
डीजीएफटी के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, पहली बार लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले निर्यातकों की निर्माण इकाइयों का क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। इस जांच में यूनिट की उत्पादन क्षमता और संचालन की स्थिति का सत्यापन किया जाएगा।
वहीं, दोबारा लाइसेंस लेने के इच्छुक निर्यातकों को पिछले आयात के कम से कम 50 प्रतिशत निर्यात दायित्व को पूरा करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर नया आयात लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा लाइसेंस धारकों को हर 15 दिन में स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से प्रमाणित रिपोर्ट संबंधित क्षेत्रीय प्राधिकरण को जमा करनी होगी। इस रिपोर्ट में सोने के आयात और निर्यात का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य होगा।
क्षेत्रीय अधिकारी हर महीने डीजीएफटी मुख्यालय को समेकित रिपोर्ट भेजेंगे, जिससे केंद्र सरकार देशभर में होने वाले सोने के व्यापार और लेन-देन पर सीधी निगरानी रख सकेगी।