भिलाई के गौठान में पशु क्रूरता का बड़ा खुलासा

  • कार्रवाई की मांग को लेकर दंडवत कलेक्ट्रेट पहुंचा फरियादी
  • 40 डिग्री की गर्मी में भिलाई से दुर्ग पहुंचा

दुर्ग-भिलाई: भिलाई नगर निगम के सुपेला स्थित कोसा नाला गौठान में गायों के साथ अमानवीय व्यवहार और गंभीर पशु क्रूरता का मामला सामने आया है। इस संबंध में दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल को एक लिखित शिकायत सौंपकर नगर निगम कमिश्नर राजीव पांडेय, गौठान संचालक राम अवतार जंघेल और  रेखा बघेल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

दूध निकालने के बाद धूप में मरने छोड़ देते हैं

शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि पिछले कुछ वर्षों से गौठान में गायों को भूखा-प्यासा रखकर तड़पाया जा रहा है। दुधारू गायों का कृत्रिम गर्भाधान कराकर जबरन दूध निकाला जाता है और उस दूध को बड़े अधिकारियों के बंगलों में पहुँचाया जाता है। इसके विपरीत, जो गाएं दूध देने लायक नहीं बचतीं, उन्हें दिनभर भीषण धूप में बिना पानी और चारे के छोड़ दिया जाता है।

गौ सेवकों को मिल रही धमकियां

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि हर दिन कई गाएं बिना इलाज, भोजन और पानी के तड़प-तड़प कर दम तोड़ रही हैं, जिसे एक ‘सुनियोजित हत्या’ करार दिया गया है। जब स्थानीय गौ सेवकों ने इस बदहाली के खिलाफ मौखिक और लिखित शिकायत दर्ज कराई, तो नगर निगम कमिश्नर और ठेकेदार ने दादागिरी करते हुए उल्टा गौ सेवकों को ही

डराना-धमकाना शुरू कर दिया।

बिना पोस्टमॉर्टम शव गायब करने और गायें बेचने का आरोप भी उजागर किया गया है कि गौठान की आड़ में अवैध रूप से डेयरी चलाई जा रही है। अब तक हजारों मवेशी असमय मौत के गाल में समा चुके हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मवेशियों की मौत के बाद उनका कोई पोस्टमॉर्टम (PM) नहीं कराया जाता और न ही कोई रिकॉर्ड रखा जाता है। इसके अलावा, गौठान से गुपचुप तरीके से गायों को बेचने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। इस मामले में पुलिस प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों को जेल भेजने की मांग की गई है। इसके लिए फरियादी उमेश बिसेन बुधवार को भिलाई कोसा नाला से दंडवत दुर्ग कलेक्ट्रेट पहुंचे और जनदर्शन में ज्ञापन सौंपा।

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