पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेने का मौका, मार्च 2027 तक मिलेगी सब्सिडी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर योजना के तहत आम उपभोक्ता अब अपने घरों में सोलर पैनल लगवाकर बिजली बिल में बड़ी राहत पा सकते हैं। योजना का लाभ लेने की अंतिम तिथि मार्च 2027 निर्धारित की गई है। यह जानकारी अधीक्षण अभियंता इंद्रदेव कुमार ने दी।

उन्होंने लोगों से स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने और बिजली खर्च कम करने के लिए योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उनके अनुसार, इस योजना के तहत उपभोक्ता अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर लंबे समय तक मुफ्त बिजली का फायदा उठा सकते हैं।

सरकार दे रही आकर्षक सब्सिडी

अधीक्षण अभियंता ने बताया कि केंद्र सरकार सोलर संयंत्र लगाने पर आकर्षक सब्सिडी दे रही है, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ काफी कम हो जाएगा। योजना के तहत एक किलोवाट से लेकर तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले संयंत्रों पर अनुदान उपलब्ध है।

क्षमतासब्सिडी राशि
1 किलोवाट₹30,000
2 किलोवाट₹60,000
3 किलोवाट या अधिक₹78,000

80 हजार से 2 लाख रुपये तक आएगा खर्च

सोलर पैनल लगाने में लगभग 80 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है। सोलर ऊर्जा से उत्पादित बिजली का उपयोग घरेलू जरूरतों के लिए किया जा सकेगा। यदि बिजली उत्पादन आवश्यकता से अधिक होता है, तो अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर बिजली बिल में समायोजित कराया जा सकता है।

25 साल तक मिलेगा फायदा

सोलर संयंत्र लगाने के लिए प्रति किलोवाट करीब 100 वर्गफुट जगह की आवश्यकता होगी। उचित रखरखाव के साथ सोलर पैनल लगभग 25 वर्षों तक काम कर सकता है। इससे बिजली बिल में कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।

ऑनलाइन करना होगा आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर कनेक्शन, आधार कार्ड, बैंक खाता और मोबाइल नंबर जरूरी होंगे। ऋण लेने की स्थिति में पैन कार्ड और ईमेल आईडी भी आवश्यक होगी।

यदि आवेदन करने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो संबंधित विद्युत आपूर्ति प्रमंडल कार्यालय के सुविधा काउंटर पर निशुल्क सहायता प्राप्त की जा सकती है।

सात प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा ऋण

योजना के तहत उपभोक्ताओं को सात प्रतिशत ब्याज दर पर दो लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में ऋण चुकाने की अवधि चार से पांच वर्ष और ग्रामीण क्षेत्रों में सात से आठ वर्ष निर्धारित की गई है।

बिजली खपत के अनुसार लगवाएं संयंत्र

  • 150 यूनिट प्रतिमाह तक खपत वाले उपभोक्ता — 1 किलोवाट संयंत्र
  • 300 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ता — 2 किलोवाट संयंत्र
  • 300 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ता — 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का संयंत्र लगवा सकते हैं।

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