हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2034 तक एक करोड़ महिलाओं को ‘मिलियनेयर’ बनाना है। यह घोषणा महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) भवनों के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान की गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार महिलाओं को बड़े व्यवसायों से जोड़ने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है। इसमें 5 जून को महिला स्वयं सहायता समूहों की 553 बसों को सड़क पर उतारने की योजना शामिल है। सरकार पहले ही महिलाओं के माध्यम से 1000 बसें खरीदकर उन्हें आरटीसी को लीज पर देने की योजना शुरू कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के लिए बैंक लोन की सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। अब तक राज्य सरकार 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक के बैंक लोन उपलब्ध करा चुकी है।
सीएम ने यह भी घोषणा की कि महिलाओं को 100 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, जहां वे राइस मिल, गोदाम, लॉजिस्टिक पार्क और अन्य औद्योगिक गतिविधियां स्थापित कर सकेंगी। इसके अलावा सरकार “महिला शक्ति सुपर बाजार” शुरू करने की योजना बना रही है, जो डी-मार्ट और बिग बाजार जैसे बड़े रिटेल स्टोर्स को टक्कर देगा।
महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए सरकार सोलर पावर प्रोजेक्ट और पेट्रोल पंप व्यवसाय में भी उन्हें शामिल करने की तैयारी कर रही है। करीब 1000 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट में भी महिला समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नई “इंदिरम्मा साड़ियां” भी लॉन्च कीं और कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों ने वित्तीय अनुशासन और ईमानदारी का उदाहरण पेश किया है।