नई दिल्ली। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार (27 मई) को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह सांसद के रूप में अपना कार्य जारी रखेंगी और पार्टी नहीं छोड़ रही हैं।
महिला विंग और अन्य पदों से इस्तीफा
काकोली घोष दस्तीदार ने महिला तृणमूल कांग्रेस विंग की अध्यक्ष समेत सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि वह “गहरे मानसिक द्वंद्व और लंबे विचार-विमर्श” के बाद यह निर्णय ले रही हैं।
क्या कहा काकोली घोष ने
अपने बयान में उन्होंने पार्टी नेतृत्व और संगठनात्मक कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई घटनाओं ने उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित किया, जिनमें शामिल हैं:
- भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप (राशन और भर्ती घोटाले)
- प्रशासनिक अनियमितताओं पर उठे सवाल
- आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना से जुड़ी चर्चाएं
- संगठन में अपारदर्शी प्रभाव और I-PAC से जुड़े आरोप
उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला किसी व्यक्तिगत विवाद के कारण नहीं है, बल्कि “नैतिक जिम्मेदारी” के तहत लिया गया कदम है।
संगठनात्मक बदलाव के बाद आया फैसला
यह इस्तीफा तब आया जब हाल ही में पार्टी नेतृत्व ने उन्हें संसदीय दल के मुख्य सचेतक पद से हटाकर यह जिम्मेदारी वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को सौंप दी थी। इसके बाद राजनीतिक हलकों में अंदरूनी मतभेद की अटकलें तेज हो गई थीं।
राजनीतिक हलचल तेज
हाल ही में काकोली घोष दस्तीदार कई विधायकों के साथ प्रशासनिक समीक्षा बैठकों में भी शामिल हुई थीं, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया। उनके इस्तीफे के बाद टीएमसी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है।
फिलहाल उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह पार्टी की साधारण कार्यकर्ता के रूप में जुड़ी रहेंगी और जनता के लिए काम करती रहेंगी।