नई दिल्ली। उत्तर भारत में तपती गर्मी और लू से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 28 मई से देश के कई राज्यों में मौसम तेजी से करवट लेगा और आंधी-तूफान के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित कई क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है।
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में पारा 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, बांदा और वाराणसी जैसे इलाकों में तापमान 47 से 48 डिग्री तक दर्ज किया गया। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश और तेज हवाओं से तापमान में गिरावट की उम्मीद की जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, 29 मई से 5 जून के बीच देश के 80 से 90 प्रतिशत हिस्सों में प्री-मानसून बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं। हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर अब मैदानी इलाकों तक पहुंचने वाला है।
दिल्ली में येलो अलर्ट, तेज हवाओं की चेतावनी
राजधानी दिल्ली में 28 और 29 मई को हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में आंधी की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
यूपी-बिहार समेत उत्तर भारत में असर
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में 28 से 31 मई के बीच बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। कई जगहों पर बिजली गिरने और 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की आशंका जताई गई है। इससे गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन मौसम खतरनाक भी हो सकता है।
पहाड़ी राज्यों में पहले से सक्रिय बारिश
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पहले से ही बारिश का सिलसिला जारी है। आने वाले दिनों में यहां भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बना रहेगा।
राजस्थान और मध्य भारत में तेज आंधी का अलर्ट
राजस्थान में 28 से 30 मई के बीच धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी प्री-मानसून बारिश सक्रिय हो रही है।
गुजरात तक पहुंचेगा असर
गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों में जून की शुरुआत में तेज हवाओं और बारिश की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिम भारत में भी प्री-मानसून गतिविधियां लगातार मजबूत होंगी।
कुल मिलाकर
आने वाले एक हफ्ते में उत्तर और पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है—जहां एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर सतर्कता भी जरूरी होगी।