नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाले समय में बड़ी राहत भरी खबर सामने आ सकती है। आठवें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच अब पेंशन व्यवस्था में बदलाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि सरकार कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद अपनी जरूरत के अनुसार पेंशन योजना चुनने का विकल्प दे सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ऐसी नई व्यवस्था पर विचार कर रही है जिसमें कर्मचारियों को अधिक आर्थिक सुरक्षा और लचीलापन मिल सके। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कर्मचारी संगठनों का दावा है कि इस दिशा में जल्द बड़ा फैसला सामने आ सकता है।
वर्तमान में 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त अधिकांश केंद्रीय कर्मचारी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के दायरे में आते हैं। इस योजना में पेंशन बाजार आधारित निवेश पर निर्भर करती है। वहीं, पुरानी पेंशन योजना (OPS) में कर्मचारियों को निश्चित पेंशन की गारंटी मिलती थी। हाल ही में लागू यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को OPS और NPS के मिश्रित मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
कर्मचारी संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि कर्मचारियों को OPS, NPS और UPS में से अपनी पसंद का विकल्प चुनने की स्वतंत्रता दी जाए। उनका कहना है कि बाजार आधारित पेंशन प्रणाली के कारण रिटायरमेंट के बाद आर्थिक अस्थिरता का डर बना रहता है। इसलिए सुनिश्चित पेंशन व्यवस्था को लेकर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
सिर्फ पेंशन ही नहीं, बल्कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के नियमों में बदलाव की मांग भी तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि मौजूदा नियमों में सुधार कर कर्मचारियों को ज्यादा लाभ और स्पष्टता दी जानी चाहिए।
जानकारी के अनुसार, आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें वर्ष 2027 की पहली छमाही तक सरकार को सौंपी जा सकती हैं। फिलहाल आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों से सुझाव लेने की प्रक्रिया में जुटा है। माना जा रहा है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।